• The first film of Indian cinema which I watched along with the entire school. It was a Great day for me, going out for a film….. 1964 ❤️ I still remember, through out the film, I kept crying., the beautiful song….. चलो चले माँ, सपनों के गाँव में… And I watched the movie today again,… Read more

  • फिर एक बार

    उसके अभिमान की दीवार बड़ी होती गई मेरी चौखट उससे दूर होती गयी रिश्ता अब सिर्फ़ साँसों का है रूबरू हुए मुद्दत हुई……🌼🌼🌼🌼🌼 डॉ उर्वशी वर्मा Read more

  • शुरू कहाँ से करूँ, ये समझ नहीं पा रही. लगता है इन गुज़रे सालों मे न जाने क्या-क्या कर डाला मैंने. बोहोत सा खुली आंखों से और कुछ आँखे बंद करके. सफ़र जैसा भी रहा, नियति ने सिखाया जी भरके. 📝 Read more

  • बेखौफ अक्स

    बहुत सीखा है तुझसे मैंने, “ऐ मौसम“ हजारों आए, तुझ पर शायरी की, तेरे फूल, पत्ते, बादल, बारिश पर कसीदे पढ़े गए तीखी गर्मी, तेरे तूफान को कोसा गया पर तू टस से मस न हुआ तू हर बरस ऐसे ही आ मुझमें मेरा खोया अक्स फूँक जा. 🌼🌼🌼🌼🌼. डॉ उर्वशी ऊषा 📙📗🖋️ Read more

  • लम्हे

    हर पल लम्हे आ रहे हैं,क्या ख़बर के आ रहे हैं 🤔या बिन पढ़े पन्नों की मानिंद जा रहे हैं 🤔डॉ उर्वशी ऊषा 📙🖋️ 29 July, 2019. 8.49 am Read more

  • ऊँचे शिखर

    ऐ ऊँचे शिखर, क्यूँ इतना अभिमान करते हो अपनी ऊँचाई पर. अगर मैं नज़र भर, अपना सिर ऊँचा कर, तुम्हारी ओर न देखूँ, तुमसे नज़रें न मिलाऊँ. तो क्या करोगे तुम इस ऊंचाई का. कैसे कर लोगे ख़ुद पर इतना अभिमान.. अपना इतना चौड़ा विशाल सीना……… 📝 Read more

  • ये आप ही हो, उसने Mobile में फोटो दिखाई. नहीं, मेरी नहीं है यह. मेरी ही फोटो, वो मुझे दिखा रहा था, किस कदर झूठ कह दिया मैंने. वो बेचारा कभी mobile देखता, कभी मेरी शक़्ल. और वो दरवाज़े पर ही खड़ा था, मैंने अब दूसरा झूठ कहा, मुझे देर हो रही है, पौधों में… Read more

  • सफ़र

    वजह तो कुछ भी नहीं इस, rat race की. पता नहीं क्यूँ सुबह से ही यह सिलसिला शुरू हो जाता है, ये जल्दी से खत्म करो…..वो जल्दी करो … ये जल्दी वो जल्दी की भागम-भाग ने मेरे ज़हन में एक बहुत बुरी आदत भर डाली. मेरे दिमाग़ के एक कोने में घड़ी फिट करदी, ख़ुद… Read more

  • तेज़ हवा की सांय- सांय से दरवाज़ा बार- बार हिल रहा था, शायद चिटकनी भी ढीली थीं, हिलने की आवाज़ ऐसी लग रही थी कि कोई पकड़ कर हिला रहा है. दिसंबर महीने की ठंड अपने पूरे जोश में थी, करीब 8.30pm से 9.00 बजे थे, सर्द हवा इतनी तेज़ बह रही थी मानों आज… Read more

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