

बहुत सीखा है तुझसे मैंने, “ऐ मौसम“
हजारों आए, तुझ पर शायरी की,
तेरे फूल, पत्ते, बादल, बारिश पर कसीदे पढ़े गए
तीखी गर्मी, तेरे तूफान को कोसा गया
पर तू टस से मस न हुआ
तू हर बरस ऐसे ही आ
मुझमें मेरा खोया अक्स फूँक जा.
🌼🌼🌼🌼🌼.
डॉ उर्वशी ऊषा 📙📗🖋️


बहुत सीखा है तुझसे मैंने, “ऐ मौसम“
हजारों आए, तुझ पर शायरी की,
तेरे फूल, पत्ते, बादल, बारिश पर कसीदे पढ़े गए
तीखी गर्मी, तेरे तूफान को कोसा गया
पर तू टस से मस न हुआ
तू हर बरस ऐसे ही आ
मुझमें मेरा खोया अक्स फूँक जा.
🌼🌼🌼🌼🌼.
डॉ उर्वशी ऊषा 📙📗🖋️
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